पंच परम पद वंदना करों । बारह भावना। Barah Bhavna
भैया भगवती दास जी कृत बारह भावना ( पंच परम पद वंदना करों ) । साभार : बृहद आध्यात्मिक संग्रह
Read more।। जैनम् जयतु शासनम् ।।
भैया भगवती दास जी कृत बारह भावना ( पंच परम पद वंदना करों ) । साभार : बृहद आध्यात्मिक संग्रह
Read moreगुरु स्मरण लेखक : ब्र. श्री रवीन्द्र जी ‘आत्मन्’ तर्ज : आत्मा हूँ आत्मा हूँ आत्मा…. परमार्थ से गुरु आत्मा
Read moreमुनि श्री १०८ प्रमाण सागर जी महाराज की मंगल भावना जन -जन में प्रसिद्ध रचना मंगल मंगल होय जगत में।
Read moreयह श्री वीतराग स्तोत्र एक आध्यत्मिकता से परिपूर्ण स्तोत्र है। आत्मा के गुण धर्म एवं तत्वों के अत्यंत सुन्दरतम शैली
Read more( श्री कल्याण मन्दिर स्तोत्र हिंदी ) : पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज रचित : कल्याणों के मन्दिर
Read moreश्री कल्याण मंदिर स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित । कल्याण मंदिर स्तोत्र का दूसरा नाम पार्श्वनाथ स्तोत्र भी प्रचलित है। संस्कृत स्तोत्र
Read moreपरमात्माछत्तीसी ( Parmatma Chattisi ) की सुंदरतम रचना श्री भैया भगवती दास जी द्वारा की गयी है। यह ब्रह्मविलास ग्रन्थ
Read moreवैराग्य भावना ( VAIRAGYA BHAVNA ) : इसी भावना को श्री वज्रनाभि चक्रवर्ती की भावना भी कहा जाता है। यह
Read moreअहो! जगत्-गुरुदेव! सुनिये अरज हमारी | Aho jagat gurudev lyrics | देव स्तुति | Dev Stuti | देव स्तुति (
Read moreबृहद शांति मंत्र ( Jain Moti Shanti Path ) : इस शांति मंत्र को प्रतिदिन पढ़ने व सुनने मात्र से जीवन
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