श्री मंगलाष्टक स्तोत्र अर्थ सहित। – Mangalashtak Stotra Arth Sahit
श्री मंगलाष्टक स्तोत्र अर्थ सहित ( Mangalashtak Stotra Arth Sahit) पञ्च परमेष्ठी हमारा मंगल करे अरिहन्तो-भगवन्त इन्द्रमहिता: सिद्धाश्च सिद्धीश्वरा:, आचार्या:
Read more।। जैनम् जयतु शासनम् ।।
श्री मंगलाष्टक स्तोत्र अर्थ सहित ( Mangalashtak Stotra Arth Sahit) पञ्च परमेष्ठी हमारा मंगल करे अरिहन्तो-भगवन्त इन्द्रमहिता: सिद्धाश्च सिद्धीश्वरा:, आचार्या:
Read moreइस सिद्धक्षेत्र कुण्डलगिरी कुण्डलपुर को मध्यप्रदेश शासन द्वारा पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया । मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा
Read moreपूजन पाठ प्रदीप ( Poojan Path Pradeep ) पुस्तक का संपादन कार्य श्रीमान प. हीरालाल जी जैन ‘कौशल’ अध्यक्ष जैन
Read more( महावीराष्टक स्तोत्र – Mahavirashtak Stotra ) कविवर भागचंद जी ‘भागेंदु ‘ की संस्कृत भाषा शिखरिणी छंद में रचित अनुपम
Read moreएक ऐसे व्यक्तित्व जिनकी जितनी तारीफ करो शब्द कम पड जाये ऐसे जैन समाज के महामना स्वस्ति श्री भट्टारक चारुकीर्ति
Read moreबारह भावना ( मंगतराय जी कृत ) वंदूँ श्री अरिहंतपद, वीतराग विज्ञान | वरणूँ बारह भावना, जग-जीवन-हित जान ||१|| (विष्णुपद
Read moreश्री दुखहरण विनती कविश्री वृन्दावन दास (शैर की लय में तथा और रागिनियों में भी बनती है।) श्रीपति जिनवर करुणायतनं,
Read moreमेरी-भावना कविश्री जुगलकिशोर जिसने राग-द्वेष-कामादिक जीते, सब जग जान लिया | सब जीवों को मोक्षमार्ग का, निस्पृह हो उपदेश दिया
Read moreराजा राणा छत्रपति – बारह भावना कविश्री भूध्ररदास (अनित्य भावना) राजा राणा छत्रपति, हाथिन के असवार | मरना
Read moreजैन दर्शन का अद्भुत अनन्तशक्तिशाली ऊर्जावान स्तोत्र जैन भक्तामर स्तोत्र (Jain Bhaktamar Stotra Hindi ) है। इसके प्रतिदिन पाठ से
Read more